रायपुर। छत्तीसगढ़ में लगातार अनियमित कर्मचारियों की छटनी की जा रही है। इसे लेकर छत्तीसगढ़ संयुक्त प्रगतिशील कर्मचारी महासंघ ने गहरी नाराजगी जताई है। महासंघ के प्रदेश सचिव राजकुमार कुशवाहा ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि नई सरकार बनने के बाद अब तक अलग अलग विभागों से लगभग 5000 अनियमित कर्मचारियों की छंटनी की जा चुकी है और यह क्रम निरंतर जारी है। अनियमित कर्मचारियों की छटनी पर रोक लगाए जाने के लिए महासंघ ने पहले ही शासन के उच्चाधिकारियों और मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर अवगत करा चुका हैं किंतु कोई सकारात्मक पहल नहीं की गई है। महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह राजपूत ने बताया कि जिस पद पर नियमित कर्मचारियों का तबादला किया जा रहा है उस पद पर कार्य कर रहे अनियमित कर्मचारी, संविदा, दैनिक वेतन भोगी, प्लेसमेंट एजेंसी, कलेक्टर दर, अतिथि शिक्षक, मेहमान प्रवक्ता सभी प्रभावित हो रहे हैं जिससे उन्हें बाहर का रास्ता दिखा दिया जाएगा और उनके नियमित होने की उम्मीद यहीं समाप्त हो जाएगी। उन्होंने राज्य सरकार को यह भी याद दिलाया है कि कांग्रेस ने चुनाव से पहले अपने घोषणा पत्र में अनियमित कर्मचारियों को नियमित किए जाने का वादा किया था और यह भी कहा था कि किसी भी अनियमित कर्मचारी की छंटनी नहीं की जाएगी तथा ठेका प्रथा बंद किया जाएगा किंतु इस पर कहीं कोई पालन नहीं किया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा है कि अधिकारी इतने निरंकुश हो गए हैं कि शासन के मंत्रियों के निर्देश का भी पालन नहीं कर रहे हैं। उन्होंने यह भी याद दिलाया है कि वर्ष 2018 में अनियमित कर्मचारियों के अनिश्चितकालीन हड़ताल में कांग्रेस के शीर्ष नेताओं ने मंच पर पहुंचकर यह वादा किया था कि प्रदेश में कांग्रेस की सरकार आने पर सभी अनियमित कर्मचारियों को नियमित किया जाएगा। वर्तमान में प्रदेश में कांग्रेस की सरकार है। राज्य के मुखिया ने एक मंच से यह भी कहा था कि कर्ज माफी के कारण इस वर्ष नियमित करना संभव नहीं है, यह वर्ष किसानों का है, आने वाला अगला वर्ष अनियमित कर्मचारियों का होगा। इस तरह का आश्वासन मिलने के बाद भी अनियमित कर्मचारी लगातार छटनी का शिकार हो रहे हैं जो पूरी तरह से अनुचित और अन्यायपूर्ण है। संगठन के संरक्षक विजय कुमार झा, प्रदेश अध्यक्ष गोपाल साहू, प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष बजरंग मिश्रा ने अनियमित कर्मचारियों की छटनी पर रोक लगाने तथा बाहर किए गए अनियमित कर्मचारियों को बहाल किए जाने के लिए 25 अगस्त से आन्दोलन शुरू करने का ऐलान किया है।